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एक मोती दो हार, हीरा चमकी रह्यो,

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एक मोती दो हार , हीरा चमकी रह्यो , चमकी रह्यो आधी रात , हीरा चमकी रह्यो , एक मोती दो हार........ रोहणी के बुद्धवार , भादों की रात में , कृष्ण भयो अवतार , हीरा चमकी रह्यो , एक मोती दो हार........ बारी चौकी कंस राजा की , चौंकी गये सब सोई , हीरा चमकी रह्यो , एक मोती दो हार........ बसुदेव-देवकी की बनदी खुली गयो , बजरा को केवाड़ , हीरा चमकी रह्यो , एक मोती दो हार........ लेकर बालक सिर पै धरो है , चल जमुना के तीर , हीरा चमकी रह्यो , एक मोती दो हार........ पीछे से बनराज गरजे , आगे जमुना अथाह , हीरा चमकी रह्यो , एक मोती दो हार........ आरों मेघ भादों बरसे , नदियां चढ़ी असमान , हीरा चमकी रह्यो , एक मोती दो हार........ कृष्ण जी ने चरण छूआये , यमुना हो गई थाह , हीरा चमकी रह्यो , एक मोती दो हार........ आगे जाबे पीछे के ठहरे , यमुना पड़ गई रेख , हीरा चमकी रह्यो , एक मोती दो हार........ जाबे तो आगे पार उतर गये , हो गई जै-जै कार , हीरा चमकी रह्यो , एक मोती दो हार........ देवकी के गोद में जन्म लियो है , यशोदा गोद खिलाये , हीरा चमकी रह्यो , एक मोती दो हार........।...
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जब होली खिलंदर किसी गाँव में प्रवेश करते हैं तो वे गाते हैं नृत्य करते हैं                                                                                         खोलो किवाड़  चलो  मठ भीतर                                        दरसन दीज्यो माई आंबे -झुलसी रहो जी                                        तीलू को तेल कपास की बाटी                                         जगमग जोत जले दिन राती -झुलसी रहो जी   इष्ट देव , gram dev पूजा के बाद ह...

जय बोलो यशोदा नंदन की

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जय बोलो यशोदा नंदन की जय बोलो यशोदा नंदन की , जय बोलो यशोदा नंदन की मोर मुकुट पीताम्बर सोहे , भाल बिराजे चंदन की... जय बोलो यशोदा नंदन की मधुर मधुर स्वर बांस मुरलिया , बाजत यशोदा नंदन की जय बोलो यशोदा नंदन की जय बोलो यशोदा नंदन की ..... यमुना के तीरे   धेनु चरावे , हाथ लकुटिया चंदन की , जय बोलो यशोदा नंदन की जय बोलो यशोदा नंदन की.... दुष्ट दलन कंसासुर मारे , रक्षा करी सब संतन की जय बोलो यशोदा नंदन की जय बोलो यशोदा नंदन की...... बृंदाबन में रास रच्यो है , सहसन गोपी चंदन की जय बोलो यशोदा नंदन की जय बोलो यशोदा नंदन की.... सारा जग प्रभु चरण लुभाये , सुख दायक दु:ख भंजन की जय बोलो यशोदा नंदन की जय बोलो यशोदा नंदन की....

होली खेलो, फागुन रितु आय रही,

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राधा नन्द कुंवर समझाय रही , समझाय रही , वो मनाय रही , होली खेलो , फागुन रितु आय रही , राधा नन्द............ अबीर गुलाल के थाल सजे हैं , केसर रंग छिड़काय रही , बेला भी फूले , चमेली भी फूले , सरसों फूल सरसाय रही , राधा नन्द........... परकी होलिन में घर से न निकसों , बय्यां पकड़ समझाय रही , राधा नन्द........... रंग की रंगीली , छवि की छबीली , चरनन शीश नवाय रही , राधा नन्द........... चुन-चुन कलियां हार बनाऊं , श्याम गले पहनाय रही , राधा नन्द...........।  

ठुमका लगाली बाबा, ठुमका लगाली मेरी नानि नानि भौ स्कूल जाली

ठुमका लगाली बाबा, ठुमका लगाली ठुमका लगाली बाबा, ठुमका लगाली मेरी नानि नानि भौ स्कूल जाली… ओ बाबा ठुमका लगाली……………. अरे ठुमका लगाली बाबा, ठुमका लगाली अरे ठुमका लगाली बाबा, ठुमका लगाली अ आ इ  ई  उ ऊ ए ऐ ओ औ  अं अः अरे ठुमका लगाली बाबा, ठुमका लगाली अरे ठुमका लगाली बाबा, ठुमका लगाली मेरी नानि नानि चेली स्कूल जाली…… ओ बाबा ठुमका लगाली…. ठुमका लगाली बाबा, ठुमका लगाली अरे ठुमका लगाली बाबा, ठुमका लगाली a b c d e f g h i j k l m n o p q r s t u v w x y z अरे ठुमका लगाली बाबा, ठुमका लगाली अरे ठुमका लगाली बाबा, ठुमका लगाली मेरी नानि नानि चेली स्कूल जाली ओ बाबा ठुमका लगाली अरे ठुमका लगाली बाबा, ठुमका लगाली अरे ठुमका लगाली बाबा, ठुमका लगाली अ माने अमरुद, आ माने आम इ माने इमली, उ माने उखल, ऐ माने ऐनक अरे ठुमका लगाली बाबा, ठुमका लगाली अरे ठुमका लगाली बाबा, ठुमका लगाली मेरी नानि नानि भाउ स्कूल जाली ओ बाबा ठुमका लगाली अरे ठुमका लगाली बाबा, ठुमका लगाली अरे ठुमका लगाली बाबा, ठुमका लगाली a for apple, b for bat , c for cat, d for dog अरे ठुमका लगाली बाबा, ठुमका लगाली अरे ठुमका लग...

हे मेरी आंख्यूं का रतन बाला स्ये जादी, बाला स्ये जादी

हे मेरी आंख्यूं का रतन बाला स्ये जादी , बाला स्ये जादी बाला स्ये जादी , बाला स्ये जादी मेरी औंखुड़ी पौन्खुड़ी छैइ तू , मेरी स्याणी छै गाणी मेरी स्याणी छै गाणी मेरी जिकुड़ी उकुड़ी ह्वेल्यु रे , स्येजा बोल्यु माणी स्येजा बोल्यु माणी ना हो जिधेरू ना हो बाबू जन ,  बाला स्ये जादी दूध भाती द्योलु त्वे तैन , बाला स्ये जादी तेरी घुण्द्क्यैली हतु कि मुट्ठ्युं मा मेरा सुखी दिन बुज्याँन मेरा सुखी दिन बुज्याँन तेरी टुरपुरी तों बाली आंख्युं मा , मेरा सुपिन्या लुक्याँन मेरा सुपिन्या लुक्याँन मेरी आस सांस त्वेमा ही छन , बाला स्ये जादी हे मेरी आंख्यूं का रतन , बाला स्ये जादी हे पापी निंद्रा तू कख स्येयीं रैगे आज स्येयीं रैगे आज मेरी भांडी कुण्डी सुचणी रैगेनी , घर बणों काम काज घर बणों काम काज कब तै छंटयोंलू क्या कन क्या बन , बाला स्ये जादी दूध भाती द्योलु त्वे तैन , बाला स्ये जादी घत सारी सारी कि पाणी लै गेनी पंदेरों बटी पंदेनी पंदेरों बटी पंदेनी बणु पैटी गेनी मेरी धौड़या दगड्या लाखङ्वैनी घसैनि लाखङ्वैनी घसैनि क्या करूं क्या नि करूं जतन , बाला स्ये जादी हे मेरी आंख्...

ना रो चेलि न रो मेरि लाल, ना रो बेटी न रो मेरि लाल, जा बेटी जा सौरास

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ना रो पोथा न रो मेरि लाल , ना रो चेली न रो मेरि लाल , जा चेली जा सौरास ना रो बेटी न रो मेरि लाल , जा बेटी जा सौरास दुनिया की रीत बेटी , तसि छ चलिया , दुनिया की रीत बेटी , तसि छ चलिया   पर घरा भान हुनी चेलियां बेटियां , पर घरा भान हुनी चेलियां बेटियां चुपै जा नि मार बबा डाड , चुपै जा नि मार चेली डाड जा चेलि जा सौरास   न रो बाबा न रो मेरि लाल , जा चेलि जा सौरास बार त्यौहार पोथा ऊनि जानु रयै , बार त्यौहार पोथा ऊनि जानु रयै अपना बाबा के चेलि भेटन रेजये , अपणी ईजू के पोथा तू झन भुलिये त्यार है जो अमर सुहाग , त्यार है जो अमर सुहाग जा चेलि जा सौरास न रो चेलि न रो मेरि लाल , जा चेलि जा सौरास पति सेवा खूब कये मुख ने मारिये , पति सेवा खूब कये मुख ने मारिये पतिव्रता धर्म बेटी पुर निभै दिये , पतिव्रता धर्म चेली पुर निभै दिये त्यार है जो सार संसार , त्यार है जो सार संसार जा चेलि जा सौरास न रो बाबा न रो मेरि लाल , जा चेलि जा सौरास पढिया लिखिया छै तु नहै दिया ज्ञाना , पढिया लिखिया छै तु नहै दिया ज्ञाना सासु सौर सब जिये द्यापता समाना , सासु सौर सब जिये द्यापता समाना ...